डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर कैसे बने How to become a district collector in Hindi?

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर कैसे बने How to become a district collector in Hindi?

शायद ही ऐसा कोई हो जो कलेक्टर किस्से कहते हैं नहीं जानता हो। साथ ही आम बात चित में हम अक्सर कहते हैं खुद को बहुत बड़ा कलेक्टर समझता है क्या ? वैसे कलेक्टर का पद बहुत सम्माननीय पद है। और कलेक्टर की नौकरी पाने के लिए भी उस लेवल की मेहनत लगती है। तो इस करियर वाली आर्टिकल सीरीज में आज जानेंगे के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर कैसे बने ?

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डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर कौन है Who is a district collector?

एक जिल्ला के अध्यक्ष होते हैं कलेक्टर। जैसे ग्राम पंचायत के अध्यक्ष होते हैं सरपंच, वैसे ही जिल्ला के अध्यक्ष होते हैं कलेक्टर। कलेक्टर के पास बहुत सारे पावर होते हैं जिससे वो जिल्ला की सही परिचालन कर सके।

डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर का इतिहास (History of District collector)

जिला कलेक्टर पद1772 में वारेन हेस्टिंग्स द्वारा बनाया गया था। जिला कलेक्टर के मुख्य कार्य सामान्य प्रशासन की निगरानी करना, भू-राजस्व एकत्र करना और जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना था। वह राजस्व संगठन के प्रमुख थे। वह पंजीकरण, परिवर्तन और होल्डिंग्स के विभाजन के लिए जिम्मेदार थे; विवादों का निपटारा; ऋणी सम्पदा का प्रबंधन; कृषकों को ऋण, और अकाल राहत। जिले के अन्य सभी अधिकारी उनके अधीनस्थ थे और अपने-अपने विभागों में उन्हें हर गतिविधि की जानकारी देने के लिए जिम्मेदार थे।

देश की स्वतंत्रता के बाद, कलेक्टर की न्यायिक शक्तियों को जिले के न्यायिक अधिकारियों को हस्तांतरित कर दिया गया था। सामुदायिक विकास कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ, कलेक्टर को जिले में सरकार के विकास कार्यक्रमों को लागू करने का अतिरिक्त कार्य भी सौंपा गया था।

कलेक्टर कैसे बने (How to become a collector?)

कलेक्टर बनने के लिए प्रत्याशी ब्यक्ति को UPSC द्वारा आयोजित आईएएस परीक्षा में उत्तीर्ण होता हैं। ये परीक्षा हर साल आयोजित होती है। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होना बहुत ही मुश्किल है। उत्तीर्ण होने के लिए कड़ी मेहनत के साथ साथ सही रणनिति की आवस्यकता रहती है। विकिपीडिया के अनुसार २०१८ में लगभग ११००००० आवेदक थे। तो आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं के इस परीक्षा की एहमियत क्या है।

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UPSC

UPSC का फुल फॉर्म है 'यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन' (Union Public Service Commission). ये एक सरकारी एजेंसी है जो भारत की प्रमुख केंद्रीय भर्ती एजेंसी है। आल इंडिया सर्विसेस होने वाले नियुक्ति के लिए परीक्षाएं आयोजन करना इस एजेंसी की जिम्मेदारी है। जितने भी परीक्षाओं का आयोजन UPSC कराते हैं उनमे से एक है आईएएस की परीक्षा।

IAS परीक्षा

IAS का फुल फॉर्म हैं 'इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस'(Indian Administrative Service). इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस परीक्षा के निम्नलिखित पर्याय हैं।

प्रिलिमिनारी परीक्षा

प्रिलिमिनारी परीक्षा हर कोई आवेदक भाग लेते हैं। इनमे से लगभग १० से २० प्रतिशत ही मैन परीक्षा के लिए उत्तीर्ण होते हैं। IAS परीक्षा (प्रारंभिक) में प्रश्न बहुविकल्पीय प्रश्न मल्टीप्ल चॉइस क्वेश्चन (MCQs) के होते हैं। गलत उत्तर के लिए 'नकारात्मक अंकन' है।

IAS परीक्षा में General Studies पेपर II (CSAT) क्वालिफाइंग प्रकृति का है और उम्मीदवारों को IAS परीक्षा के अगले चरण यानी मेन्स के लिए योग्य होने के लिए इस पेपर में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं ।

और हाँ, प्रत्येक पेपर के लिए ब्लाइंड उम्मीदवारों को 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाता है।

उम्मीदवारों को सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा के दोनों पत्रों में उपस्थित होना अनिवार्य है। प्रारंभिक परीक्षा में उम्मीदवारों के लिए केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट है जहां कट-ऑफ अंक हासिल करने वालों को मेंस एग्जाम के लिए बुलाया जाता है।

मैन परीक्षा

मैन परीक्षा आम तौर पर प्रीलिमिनरी परीक्षा से कठिन रहता है। और जो लोग मैन परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं उनको इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। ये परीक्षा एक एक लिखित वर्णनात्मक परीक्षा है और इसमें 9 पेपर शामिल हैं। ये ९ पेपर होते हैं :

Compulsory Indian Language

ESSAY

General Studies I-IV

Optional Paper I-II

IAS परीक्षा (मेन्स) में निर्धारित कट-ऑफ अंकों से ऊपर स्कोर करने वाले उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण के लिए सम्मन मिलेगा।

इंटरव्यू

सबसे मुश्किल स्तर हैं इंटरव्यू राउंड। इस में आवेदक को फेस टु फेस कई सारे अफसर के सामने बैठ कर पूछे गए सवालों के जवाब देने होते हैं। जो उम्मीदवार आवश्यक कट-ऑफ अंकों के साथ IAS परीक्षा के मेन्स चरण को क्लियर करते हैं, वे IAS परीक्षा के इंटरव्यू चरण के लिए आमत्रण प्राप्त करते हैं। इंटरव्यू राउंड में UPSC बोर्ड के सदस्यों के साथ आमने-सामने चर्चा होते हैं। इस चरण में, बोर्ड उम्मीदवारों के व्यक्तित्व लक्षणों का आकलन करते है और सिविल सेवा में कैरियर के लिए उपयुक्त है या नहीं, इसका मूल्यांकन करते हैं। और साथ ही उम्मीद्वार के शौक, करंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान को भी परखा जाता है। इंटरव्यू केवल नई दिल्ली में UPSC भवन में आयोजित किया जाता है ।

आईएएस परीक्षा के लिए योग्यता

उम्र : २१ साल से ३२ साल के बीच

शिक्षा : ग्रेजुएट

अधिकतम आवेदन : ६ (६ बार से अधिक आवेदन नहीं कर सकते)

नॅशनलिटी : उमीदवार भारतीय हों

Conclusion

उम्मीद है आपको समझ आया होगा के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर कैसे बनते हैं। अगर कोई सवाल सुझाव हो तो कृपया निचे दिए गे सोशल लिंक्स पर जाएं।

About The Author

श्रीकांत पाढ़ी

नमस्कार, मैं इस साइट का फाउंडर, एडमिन और ऑथर हूँ। मैं इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में B.Tech डिग्री से ग्रेजुएट हूँ और मैं एक सेल्फ एम्प्लॉयड हूँ। मैं ब्लॉग्गिंग, यूट्यूब, वीडियो एडिटिंग, VFX, वेब डेवलप, एप्प डेवलप और स्क्रीनराइटिंग करता हूँ। मुझे ज्ञान बाँटना पसंद है । मैं हिंदी और इंग्लिश में आर्टिकल लिखता हूँ।

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