Search Engine Optimisation: सफल ब्लॉगर बनने की चाबी

Search Engine Optimisation: सफल ब्लॉगर बनने की चाबी

सफल ब्लॉगिंग करियर के लिए जरुरी हैं आर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त करना। और ये संभव है सिर्फ और सिर्फ सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेसन (search engine optimisation) से। इस आर्टिकल में जानेंगे सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेसन क्या है और इसको करते कैसे हैं।

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Search Engine Optimisation

सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेसन दर असल अपने वेबसाइट की हर वेबपेज को सर्च इंजन के अनुकूल तैयार करने की कार्य है। सर्च इंजन जैसे गूगल, याहू, बिंग इत्यादि। सर्च इंजन के अनुकूल तैयार करने से अपने वेबसाइट पर ढेर सारे ट्रैफिक फ्री में प्राप्त होंगे। जितना ज्यादा ट्रैफिक वेबसाइट पर आएंगे उतनी ज्यादा रोजगार होगी।

सर्च इंजन ऑप्टीमाइजेसन क्यों जरुरी है?

Why search engine optimisation is essential - इसका कारण बहुत ही सरल है। आम तौर पर लोग किसी भी बिसय पर जानकारी कैसे प्राप्त करते हैं? सर्च इंजन से। जैसे के कौनसी लैपटॉप ख़रीदे? अगर कोई लैपटॉप खरीदना चाहता हो और उनको ये नहीं समझ के लैपटॉप खरीदने के दौरान किन विषयों को ध्यान में रखना है। ऐसे व्यक्ति गूगल जैसे सर्च इंजन पर ढूंढ़ते हैं। सर्च इंजन इस प्रश्न से संबधित जितनी भी वेबसाइट हैं उनकी सूचि दिखाता हैं।

अब मान लीजिये मैंने एक आर्टिकल लिखा हैं 'लैपटॉप कैसे ख़रीदे', परन्तु मेरा ये आर्टिकल जब कोई गूगल पर 'लैपटॉप कैसे खरीदें' ढूंढ़ते हैं और उनको मेरा आर्टिकल गूगल के सर्च रिजल्ट में नहीं दिखता हैं। अब कल्पना करिये दिनको १ लाख लोग अगर इस विषय को ढूंडते है तो मैंने सीधे १ लाख ट्रैफिक गवाया। इससे तो मेरा बहुत बड़ा नुक्सान हुआ। में चाहूंगा के मेरा ये आर्टिकल जब भी कोई गूगल पर सर्च करें 'लैपटॉप कैसे खरीदते हैं' उनको सर्च रिजल्ट में दिखाई दे। तो इसके लिए मुझे मेरे 'लैपटॉप कैसे खरीदें' आर्टिकल को सर्च इंजन के अनुकूल बनाना होगा। चलिए समझते हैं सर्च इंजन के अनुकूल कैसे बनाते हैं।

वेब पेज को सर्च इंजन के अनुकूल कैसे बनाते हैं ?

इसका सीधा आंसर हैं 'on पेज SEO' और 'off पेज SEO' से। on पेज SEO में आर्टिकल को सर्च इंजन के अनुकूल तैयार करते हैं और ऑफ पेज seo में हम लोग वेब पेज के बहार याने की दूसरे वेबसाइट पर अपने वेबपेज के लिंक दर्ज करते हैं। ऑफ पेज seo को विस्तार रूप से दूसरे आर्टिकल में जानेंगे। फिलहाल गौर करते हैं on पेज seo पर।

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कल्पना करिये आपने एक आर्टिकल लिखा हैं 'बाल झड़ने से कैसे रोके' और लोग गूगल पर सर्च करते हैं 'बाल झड़ने से कैसे रोके','गंजेपन से कैसे बचें','टकला होने से बचने के घरेलु उपाय' इत्यादि।

गूगल पर इन कीवर्ड्स की सर्च संख्या हैं निम्न लिखित प्रकार -

बाल झड़ने से कैसे रोके - १००० प्रति माह

गंजेपन से कैसे बचें - ५०००० प्रति माह

टकला होने से बचने के घरेलु उपाय - ११० प्रति माह

अगर आप बाल झड़ने से कैसे रोके के बदले गंजेपैन से कैसे बचें इसे टाइटल रख कर लिखते तो ज्यादा ट्रैफिक प्राप्त होता।

इस प्रकार के निर्णय ले कर आर्टिकल में बदलाव लाना या फिर आर्टिकल को लिखना ही on पेज seo हैं। टाइटल किस प्रकार का रखें, किन शब्दों का प्रयोग करें, ये तय किया जाता हैं "कीवर्ड रिसर्च" से।

कीवर्ड रिसर्च

ब्लॉगिंग में आर्टिकल लिखने के लिए पहला कदम होता है कीवर्ड रिसर्च

कीवर्ड क्या होता है?

जब लोग गूगल में कुछ भी ढूंढ़ते हैं उसको कीवर्ड कहते हैं।

Example

१०००० में बेहतर स्मार्ट फ़ोन

घर पर बॉडी बिल्डिंग कैसे करें

बिना ओवन के नरम केक कैसे बनाये

बाल झड़ने से कैसे रोके

साधारण शब्दों में कहने जाए तो जब कोई यूजर गूगल के सर्च बॉक्स के अंदर जो कुछ भी लिख कर जानकारी ढूंढ़ता है उसी लिखी हुयी टेक्स्ट एक कीवर्ड है।

कीवर्ड एक शब्द या फिर एक शब्द से अधिक भी होता है।

Long Tail Keyword vs Short Tail Keyword

तीन शब्द से अधिक वाले कीवर्ड को लॉन्ग टेल कीवर्ड (Long Tail Keyword) कहते हैं।

तीन शब्द से कम वाले कीवर्ड को शार्ट टेल कीवर्ड (Short Tail Keyword) कहते हैं।

Example

Short Tail Keyword - "Chicken Biryani"

Short Tail Keyword

Long Tail Keyword - "Chicken Biryani Recipe at Home"

Long Tail Keyword

Short tail keyword पर कम्पटीशन बहुत ज्यादा होते हैं। इसलिए नए वेबसाइट इन कीवर्ड पर ट्रैफिक कभी ला नहीं पाएंगे। लॉन्ग टेल कीवर्ड पर कम्पटीशन बहुत कम होता हैं, इसलिए लॉन्ग टेल कीवर्ड को टारगेट करने पर नए वेबसाइट भी ट्रैफिक प्राप्त कर सकते हैं। हालां की लॉन्ग टेल कीवर्ड पर ट्रैफिक बहुत कम मिलता हैं। परन्तु नए वेबसाइट की ग्रोथ के लिए लॉन्ग टेल कीवर्ड हमेसा फायदेमंद होते हैं।

कौनसे कीवर्ड पर कितने ट्रैफिक मिलेंगे कैसे मालूम करें?

वैसे तो बहुत सारे पेड(Paid) टूल हैं, जो मेहेंगे हैं और वो किस कीवर्ड पर कितने ट्रैफिक प्राप्त होंगे वो बताते हैं। लेकिन गूगल कंपनी का भी एक फ्री टूल है "कीवर्ड प्लानर" और इस टूल की मदद से भी पता किया जा सकता हैं कौनसे कीवर्ड पर कितना ट्रैफिक मिलेगा।

मकशद ये होना चाहिए के लॉन्ग टेल कीवर्ड और हर महीने ज्यादा ट्रैफिक वाले कीवर्ड का प्रयोग करें।

कीवर्ड का क्या करें?

एक बार जब आप ये देख लें के सही कीवर्ड आपको मिलगया हैं तो आप उस कीवर्ड को आपके आर्टिकल के टाइटल में इस्तेमाल करेंगे। और हाँ आर्टिकल के अंदर भी दो या तीन बार इस्तेमाल जरूर करेंगे।

याद रखें बगैर कीवर्ड रिसर्च किये हुए आर्टिकल लिखेंगे तो आप के वेबपेज पर ट्रैफिक कभी नहीं आएंगे।

On Page SEO

On Page SEO - कीवर्ड को ढूंढ कर पोस्ट आर्टिकल के टाइटल में लिखना और आर्टिकल को इस कीवर्ड के इर्द गिर्द लिखना ही on पेज seo हैं।

उसके साथ साथ निम्न लिखित बातों को ध्यान में रखें।

१. आर्टिकल के टाइटल से संबधित हैडिंग, सुब हैडिंग रख कर आर्टिकल लिखें।

२. आर्टिकल में जो शब्द इम्पोर्टेन्ट हैं उनको बोल्ड करें।

३. इमेज का ALT टेक्स्ट जरूर रखें।

४. एक बड़ी पैराग्राफ के बजाये छोटी छोटी पैराग्राफ में लिखें।

५. आर्टिकल के पहले पैराग्राफ में और आर्टिकल के आखरी पैराग्राफ में कीवर्ड जरूर रखें।

६. वेबपेज के हैडिंग में मेटा डिस्क्रिप्शन टैग जरूर रखें।

७. वेबसाइट में मौजूद दूसरे आर्टिकल के लिंक (१ से ४) जरूर बनाइये।

On पेज SEO कितनी अच्छे से आपने किये हैं समझने के लिए ढेर सारे ऑनलाइन टूल हैं जो SEO स्कोर से बताते हैं।

Technical SEO

कोई भी वेबपेज की ग्रोथ इस बात के ऊपर निर्भर होता हैं के वो कितना जल्द लोड होता हैं। आज के तारीख में वेबसाइट पर ट्रैफिक सबसे ज्यादा मोबाइल फ़ोन उपभोक्ताओं से होता हैं। अगर एक वेबपेज लोड होने के लिए ज्यादा समय लेता हैं तो उपभोक्ता वो वेबपेज छोड़ कर दूसरे वेबपेज पर तुरंत चले जाते हैं। इससे सर्च इंजन ऐसी स्लो वेबसाइट को नेगेटिव मार्किंग देता हैं। नतीजा वेबसाइट पर ट्रैफिक नहीं आते हैं या फिर ट्रैफिक घटते हैं।

गूगल की एक फ्री टूल हैं "Page Insights", इस टूल कि मदद से आप जान सकते हैं आपके वेबसाइट का स्पीड कितना है। इस टूल की खासियत एहि है के वेबपेज के अंदर क्या क्या बदलाव लाने हैं वो बताता हैं।

Off Page SEO

आपके वेबपेज के लिंक दूसरे वेबसाइट पर दर्ज कराने की प्रक्रिया को ऑफ पेज SEO कहते हैं। जितना ज्यादा एक वेबपेज के लिंक दूसरे वेबसाइट से सर्च इंजन को मिलेंगे उतना ज्यादा सर्च इंजन उस वेबपेज को अच्छे मार्क्स देता है। अब सवाल हैं के आखिर कैसे हम लोग अपने वेबसाइट के वेबपेज के लिंक दूसरे वेबसाइट में दर्ज कराएं ?

१. गेस्ट पोस्ट

बहुत सारे वेबसाइट उनके वेबसाइट पर आर्टिकल सबमिट करने की विकल्प दे रखें हैं। आप ऐसे वेबसाइट पर आर्टिकल लिख कर पब्लिश करें और बदले में आपके वेबसाइट का आर्टिकल का लिंक उनके वेबपेज में शामिल करें।

२. ब्लॉग कमेंटिंग

कई सारे वेबसाइट अपने ब्लॉग पोस्ट पर कमेंट करने के लिए विकल्प दे रखें हैं। यहाँ पर आप आपका नाम, वेबपेज की लिंक और कमेंट दे सकते हैं। ब्लॉग कमेंटिंग से भी आप आपके साइट के लिए लिंक बना सकते हैं।

३. डायरेक्टरी सबमिशन

सर्च इंजन की जन्म होने से पहले कई सारे वेबसाइट ऐसे होते थे जो दूसरे वेबसाइट की सूचि अपनी डेटाबेस में रखते थे। आज भी ऐसे बहुत सारे वेबसाइट हैं जो दूसरे वेबसाइट की सूचि अपनी डेटाबेस में रखते हैं। आप ऐसे वेबसाइट पर आपकी वेबसाइट की लिंक शेयर कर सकते हैं।

४. सोशल मीडिया शेयरिंग

सोशल मीडिया साइट पर ट्रैफिक की बाढ़ है। यहाँ पर जैसे फेसबुक ग्रुप हैं वहां पर आप आपका वेबसाइट के वेबपेज के लिंक शेयर कर सकते हैं और भर भर के ट्रैफिक प्राप्त कर सकते हैं।

५. फोरम

सोशल मीडिया की तरह फोरम जैसे क्वोरा, आस्क सवाल पर भी आपको ढेर सारे ट्रैफिक आसानी से प्राप्त हो सकते हैं। आप लोगों के सवालों के जवाब दीजिये और बदले में आपके लिंक शेयर कर दीजिये।

Conclusion

तो दोस्तों आपने जाना इस आर्टिकल से के सर्च इंजन ऑप्टीमायजेसन (Search Engine Optimisation), Keyword Research, Short Tail Keyword, Long Tail Keyword, On Page SEO, Off Page SEO and Technical SEO क्या है।

About The Author

श्रीकांत पाढ़ी

नमस्कार, मैं इस साइट का फाउंडर, एडमिन और ऑथर हूँ। मैं इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में B.Tech डिग्री से ग्रेजुएट हूँ और मैं एक सेल्फ एम्प्लॉयड हूँ। मैं ब्लॉग्गिंग, यूट्यूब, वीडियो एडिटिंग, VFX, वेब डेवलप, एप्प डेवलप और स्क्रीनराइटिंग करता हूँ। मुझे ज्ञान बाँटना पसंद है । मैं हिंदी और इंग्लिश में आर्टिकल लिखता हूँ।

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